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Bewafa Shayari in Hindi

Created by potrace 1.15, written by Peter Selinger 2001-2017
Created by potrace 1.15, written by Peter Selinger 2001-2017
उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा,
दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है
गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मजबूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे,
जीते जी जो हमें पहचान न सके
नादान इनकी बातो का एतबार ना कर,
भूलकर भी इन जालिमो से प्यार न कर,
वो कयामत तलक तेरे पास न आयेंगे,
इनके आने का नादान तू इन्तजार न कर

हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर,
तुझ पर जरा भी ज़ोर होता मेरा,
ना रोते हम यूँ तेरे लिए अगर
हमारी जिन्दगी में तेरे सिवा कोई और होता

इन आँखों में आँसू आये न होते,
अगर वो पीछे मुड़कर मुस्कुराए न होते,
उनके जाने के बाद बस यही गम रहेगा,
कि काश वो हमारी जिन्दगी में आये न होते

ख़ुदा ने जब इश्क़ बनाया होगा,
तो ख़ुद आजमाया होगा,
हमारी तो औकात ही क्या हैं?
इस इश्क़ ने ख़ुदा को भी रूलाया होगा

कोई अच्छी से सजा दो मुझको,
चलो ऐसा करों भूला दो मुझको,
तुमसे बिछड़े तो मौत आ जाए,
दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको

इश्क़ सभी को जीना सिखा देता हैं,
वफ़ा के नाम पर मरना सिखा देता हैं,
इश्क़ नही किया तो करके देखो,
ज़ालिम हर दर्द सहना सिखा देता हैं
हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला,
हमको जो भी मिला बेवफ़ा यार मिला,
अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी,
हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला
कदम-कदम पर बहारों ने साथ छोड़ा,
जरूरत पड़ने पर यारों ने साथ छोड़ा,
वादा किया सितारों ने साथ निभाने का,
सुबह होने पर सितारों ने साथ छोड़ा